Book Review Rich Dad Poor Dad in Hindi ( पुस्तक समीक्षा ) | मोटिवेशन स्टोरी | क्या आप भी अमीर बनना चाहते है

 

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Rich Dad Poor Dad Book Review in Hindi  

 

Book Review Rich Dad Poor Dad in Hindi


 

रॉबर्ट टोरू कियोसाकी का जन्म 8 अप्रैल, 1947 को हुआ था वो एक अमेरिकी व्यापारी व लेखक है तथा रिच डैड कम्पनी के संस्थापक भी है वो लोगो को व्यक्तिगत वित्त तथा व्यावसायिक शिक्षा भी प्रदान करते है। वह सेमिनार के माध्यम से वित्तीय ज्ञान सिखाते है इसके अलावा वह लोगो को तथा व्यापारियों को कैशफ्लो गेम के जरिये भी वित्तीय ज्ञान सिखाते है।


रिच डैड पुअर डैड किताब में उन्होने लोगो को अमीर बनाने के बहुत सरे विचार दिए है जिनका उपयोग करके कोई भी व्यक्ति अमीर बन सकता है। वह लोगो को अपने एसेट बनाने की सलाह देते है तथा अपनी लिएबिलिटीज़ को काम करने की सलाह देते है।


कियोसाकि 26 से भी अधिक पुस्तकों के लेखक है जिनमे से रिच डैड पुअर डैड उनकी सबसे प्रसिद्थ किताब है।

 

उनके बारे में और अधिक जानकारी आपको विकिपीडिया से मिल जाएगी।  Click Here for Wikipedia



     


    क्या आप भी अमीर बनना चाहते है ( Do u want to be Rich)



     

    जी है आपने बिलकुल सही पढ़ा ! अगर आप अमीर बनना चाहते और अपने जिंदगी में सफल होना चाहते है तो ये पुस्तक आपके लिए ही है.


    दोस्तों यह किताब रोबर्ट के उन दो पिताओ की कहानी है जिनको वह रिच डैड और पुअर डैड बोलते थे।


    रिच डैड उनके बेस्ट फ्रेंड के पिता थे और पुअर डैड इनके अपने पिता थे।


    पुअर डैड बहतु ही पढ़े लिखे और कई डिग्रीयो के मालिक थे वो पीएचडी होल्डर थे और एक सरकारी टीचर थे  पढाई को बहुत अधिक महत्वा देते थे और चाहते थे की रोबर्ट भी पढ़ लिखकर किसी अच्छी कंपनी में काम करे।


    जबकि रिच डैड 8 वी कक्षा भी पास नहीं कर पाए थे हलाकि वो सिखने  (प्रैक्टिकल नॉलेज) को अधिक महत्वा देते थे और हमेशा कुछ सिखने कोशीस  करते थे


    रोबर्ट कहते है :


    मेरे दो डैडी थे सिलिये मेरे पास दो विरोधी दृस्टिकोड़ो का विकल्प था – एक अमीर आदमी का और एक गरीब आदमी का।

     

    आईये अब हम अध्याय वार रोबर्ट के हर सबक को समझेंगे और उनके अमीर बनने की नीतियों को जानेंगे

     


    अध्याय 1 : अमीर लोग पैसे के लिए काम नहीं करते

     

    गरीब और मध्यवर्गीय लोग पैसे के लिए काम करते है अमीर लोग पैसे से अपने  लिए काम करते है।


    कुछ लोगो के पास भरी तनख्वाह वाली नौकरी तो होती है लेकिन इसके बावजूद वे पैसे की समस्यायों से घिरे रहते है क्युकी वो जानते ही नहीं की पैसे से अपने लिए काम कैसे कराया जाता है


    पैसा कमाने के तरीको पर निगाह रखे।  जिस पल आप औज़ारो को पहचानना सिख जाते  भर अवसरों को देखने लगेंगे।


    पैसे  के मामले में लोग अपने आप को सुरक्षित खेलना और महसूस करना  है यही कारन है की वह अधिक पैसा से पैसा नहीं बना पते और पैसे की समस्याओं से घिरे रहते है।


    पैसे क्र पैसे के दर से ज्यादातर लोग नौकरी करते है उन्हें दर होता है की अगर पैसे नहीं होंगे तो वो अपने बिल कैसे चुकाएंगे , किराया कैसे देंगे , पैसा न होने का दर और नै शुरुआत करने का डर के कारन ही वो कोई पेशा या व्यवसाय सीखते सीखतेहै  है और पैसे के लिए काम करते है।


    जैसे गाड़ी खींचने वाले गधे का मालिक उसके गधे के सामने एक गाजर लटका देता है और जहा जाना होता है वहा पहुंच जाता है गधे  को गाजर का लालच रहता है पर वह उस गाजर को पा नहीं पाता है और जिंदगी भर अपने मालिक की गुलामी करता रहता है।

     


    अध्याय 2 : आर्थिक साक्षरता क्यों सिखाये ?

     

    महत्वपूर्ण यह नहीं की आप कितना पैसा कमाते है

    महत्वपूर्ण तो यह है की आप कितना पैसा बचते है

     


    Book Review Rich Dad Poor Dad in Hindi2




    रोबर्ट कहते है की अगर आप अमीर बनाना चाहते है तो वित्तीय दृस्टि से साक्षर बनने की जरुरत है जैसे कोई बिल्डिंग बनायीं जाती है तो वह कितनी उची बनेगी यह उसकी नीव की गहराई पर निर्भर करता है। ठीक उसी प्रकार वित्तीय साक्षरता की नीव भी मजबूत करनी चाहिए।

     

    नियम 1 : अमीर बनने के लिए संपत्ति और दायित्वा का फर्क पता होना चाहिए और हमेसा सम्पत्तिया ही खरीदनी चाहिए। 

     

    दोस्तो इस पुस्तक में रोबर्ट कहते है की लोग इसीलिए और गरीब हो जाते हिया क्युकी उनको संपत्ति और दायित्व में फर्क समझ नही पते है और गरीब होते चले हेट है वह यह भिओ बताते है की कुछ लोग पैसे तो बहुत कमाते है पर फिर भी पैसो की समस्या उनको चरो तरफ से घेरे रहती है क्यों की पैसे को कैसे बचाना है और कहा इन्वेस्ट करना है इसका फर्क उनको पता ही नही होता है

     

    संपत्ति और दायित्व में फर्क समझाने के लिए उनका एक बहुत ही साधारण सा फार्मूला है जिसका उपयोग करके आप इन दोनों सब्दो में फर्क स्थापित करने में सक्षम हो पाएंगे वो कहते है


    “ संपत्ति वह है जो आपको पैसे बना के या कम के देती है और दायित्व वह है जो आपकी जेब से पैसे खर्चा करवाती है”


    अगर आप ऊपर लिखी लाइने समझ गए है तो बेशक आप आगे से यह फॉलो करने वाले है


    क्युकी लेखक का मन्ना है की जो भी इन लाइनों को समझ गया वह अमीर बनाने के रहस्य को समझ गया

     

    दोस्तो आय और व्यय के कैलेन्डर को उनोने इस बुक में बहुत ही साधारण तरीके से समझाया है


    उनका मानना है की अमीर लोगो के सब्दो की समझ बहुत अच्छी होती है

     


    अध्याय 3 : अपने खुद के काम पर ध्यान केन्द्रित करे

     

    दोस्तो लेखक बताते है की आप चाहे जो भी प्रोफेशन में हो पर आपके के पास कोई ऐसा साधन हमेसा मौजूद होना चाहिए जो सिर्फ आपका हो और वो खुद के ऐसे ही किसी काम में आपको मुख्य रूप से धयन देने को कहते है


    उन्होंने अमीर बनाने के लिए कुछ ऐसे सुझाव दिए है जिनको जानना आपके लिए भुत ही जरुरी है अगर आप भी अमीर बनानाचाहते है


    1.       आपको कुछ ऐसा काम करना चाहिए जिसको करने के लिए आप वह मौजूद न भी हो तो वह काम आपको पैसे देता रहे इसके लिए आप चाहे तो कोई ऐसा प्रोफेशन या बिज़नस कर सकते है जो आपको सतः ही पैसे देता रहे क्युकी उनका मनन है की यदि आपको किसी काम के लिओये वह मौजूद रहना पड़े तो वह कोई कारोबार नही होगा बल्कि यह तो नौकरी हो जाएगी


    2.       दोस्तो लेखक यह कहते है की आपको शेयर मार्किट के बारे में जानकारी होनी चाहिए और आपको इसमें इन्वेस्ट करना आना चाहिए क्युकी दुनिया के अमीर लोग शेयर में पैसा ज़रूर कगते है


    3.       दोस्तो बहुत सी कंपनिया और यह तक की सर्कार भी कुछ ऐसे बोंड उपलब्ध कराती है जिनको आप खरीद सकते है यह बांड आपको कुछ समय बाद अच्छे रेतुर्न देते है और अप्पके पैसे को बढ़ाते है


    4.       दोस्तो लेखक आपको बताते है की आपको रियल एस्टेट में जरुर इन्वेस्ट करना चाहिए और वो भी ऐसा रियल एस्टेट जो की आपको पैसा कमाकर दे जैसे की माकन लेकर उसको किराये पर देना


    5.       अगर आपके पास कोई ऐसा टैलेंट है जो आपको पेटेंट के थ्रू रोयल्टी या पैसे दे सकता है तो आपको जरुर करना चाहिए क्युकी लेखक ओनेतिमे इनकम से जादा रेकरिंग इनकम पे जादा ध्यान देने की और फोकस करते है


    6.       आपको अपने पास एस ही चिज़े रखनी चाहिए जिसका भविष्य में दाम बढ़ने की उम्मीद दो तथा वह आपको आने वाले समय में उसके बढे दाम दे सके न की कोई ऐसी लक्ज़री चीज़ जो की आने वाले समय में अपने वर्तमान कीमत से भी कम कीमत दे

     


    अध्याय 4: टैक्स का इतिहास और कारपोरेशन की शक्ति


    दोस्तो इस अध्याय में लेखक ने कारपोरेशन कीशक्ति के बारे में आप लोगो को बताया है की कैसे कोई अमीर व्यक्ति कारपोरेशन का गठन करके पैसा कमाता है और वह टैक्स भी बचा सकता है


    क्युकी कारपोरेशन के पास यह शक्ति होती है की वह पैसे कमाती है और उसको खर्च करती है और फिर टैक्स चुइकती है


    जबकि कोई आम आदमी पहले कमाता है फिर टैक्स चुकता है और उसके बद्द जो पैसे उसके पास बाख जाता है उसको खर्च करने में सक्षम होता है


    सायद इसीलिए अमीर और अमीर होता जाता है और गरीब और गरीब होता जादा है क्युकी वह यह भी कहते है की अमीर आदमी गरीब आदमी से कम टैक्स चुकाता है

     


    अध्याय 5: अमीर लोग पैसो का आविष्कार करते है

     

    दोस्तो इस अध्य में लेखक बताते है की अमीर लोग न सिर्फ पैसे से पैसा बनाना जानते है बल्कि वह पैसे का अविष्कार करना भी जानते है जैसे की यदि वो कोई वास्तु बेचना चाहते है जिसका लोगो को आवश्यकता नही है पर फिर भी वो इसको बेच लेते है क्यों की उनको पता होता है की अगर मार्किट में किसी प्रोडक्ट की सप्लाई करनी है तो उन्हें उसकी डिमांड भी पैदा करनी पड़ेगी और वह बहुत ही चतुराई से ये सब कर लेते है


    लेखक का मानना है की आपको पैसे कमाने के लिए ज्ञान की ही नही बल्कि सहस की भी जरुरत होती है और वो यह भी कहते है की जब पैसो की बात आती है तो अधिकतर लोग खेल को सुरक्षित खेलना चाहते है और रिस्क नही लेना चाहते है क्यों की लोगो को उनके पैसो के डूब जाने का दर रहता है


    जबकि लेखक का मानना है की यदि आपको को पैसे से पैसा बनाना है तो रिस्क तो लेना ही पड़ता है वो मानते है की आप मिड रेंज की कंपनियों के शेयर शुरुआत में खरीदकर उन्हें बाद में अच्छे मुनाफे में बेच सकते है परन्तु यह सबके लिए सही साबित नही होता बल्कि इसको बहुत ही चतुराई के साथ करना होता है नही तो आपका भरी नुकसान भी हो सकता है


    इसी चतुराई और सुझबुझ तथा सहस की ही वजह से अमीर लोग अच्छा खासा पैसा बना लेते है क्युकी वो किसी भी चीज़ में पैसा लगाने से पहले उसको अच्छी तरह से समझ लेते है


    दोस्तो ऐसा भी नही है की अमीर लोगो को पैसो का नुकसान नही होता बल्कि लेखक का मानना है की कोई ऐसा अमीर आदमी नही जिसने पैसो का लोस न देखा पर पर वो जानते है की साहसी आदमी अपनी चालाकी का इस्तेमाल करके या तो जीतता है या सीखता है वो कभी हार नही मनाता


    उनका मानना है की अधिकतर लोग दर और अपनी क्षमताओ पर भरोसा न होने के कारन जीवन में आगे नही बढ़ पते है लेखक का मानना है की हर किसी के पास अवसरों को देखने की क्षमता बनानी चाहिए वे अवसर जो आँखों से नही बल्कि अपने दिमाग से देखे जाते है दोस्तो लेखक का मानना है की आपको हर विषय के बारे में थोड़ी थोड़ी जानकारी अवश्य रखनी चाहिए और अपने आपको सुचना से जोड़े रखन चाहिए

     


    अध्याय 6: सिखने के लिए काम करें, पैसे के लिए काम न करें

     

    जैसा की ऊपर के ऊपर के आलेख में यह बताया गया है की आपको हर विषय के बारे में जानकारी रखनी चाहिए जैसे की पैसो का प्रबंधन कैसे किया जाता है, सिस्टम या तंत्र कैसे काम करता है और लोगो का प्रबंधन कैसे किया जाता है


    पैसो का प्रबंधन से तात्पर्य यह है की आपको अपनी आय और व्यय के बारे में अच्छी तरह से जानकारी रखनी चाहिए और यह अस्वस्त हो जाना चाहिए की कही आपके काश्फ्लो में कोई लकागे तो नही है


    सिस्टम या तंत्र से मतलब है की आपको कोई भी कारोबार कैसे काम करता है इसकी जानकारी पूरी तरीके से होनी चाहिए और इस सिस्टम को अच्छी तरीके से चलने के लिए लोगो का प्रबंधन भी आना चाहिए


    जैसा की लेखक के अमीर डैडइस पुस्तक के माध्यम से बताते है की हमें अपने आप को हमेशा अपने से अधिक प्रतिभा के धनि व्यक्तियों के साथ घिरे रखना चाहिए और उनसे सिखने की कोशिश करनी चाहिए इनका मानना है की नौकरी आपके दीर्धकालीन समस्या का एक बहुत ही अल्पकालीन उपाय है जबकि आपकी योग्यताये लम्बे समय में आपको बहुत अधिक धनवान बना सकती है बसरते की आपको अपनी प्रतिभायो को सीखते रहना चाहिए और उनपे भरोसा रखना चाहिए


    उनका मानना है की आपका जो भी पेशा है उसके अलावा भी और सिखने के लिए हमेशा तत्पर रहना चाहिए क्युकी यही योग्यताये आपको लम्बे समय में अधिक लाभ दे सकती है हलाकि उनोने उन योग्यताओ की तरफ ध्यान आकर्षित करने की कोशी की है जिनकोकरने से आपको सबसे जादा दर लगता है

     


    अध्याय 7: बाधाओ को पार करना


    लेखक ने इस अध्याय में ऐसे पाच बढाओ के बारे में बताया है जो किसी भी वित्तीय ध्र्स्ती से सक्षम व्यक्ति को भी और अधिक धन बनाने से रोकती है और यह भी बताया है की आपको ज़िन्दगी में सफल व्यक्ति बनाने लिए इन बाधाओ को पार करना बहुत जरुरी है


    1.       डर : अमीर आदमी को अपने दर का प्रबंधन करना बहुत अच्छे तरीके से आता है यही दर का प्रबंधन ही उन्हें सक्षम बनता है की वो कैसे साहस का इस्तेमाल करे क्युकी विजेता अपनी हार से भी प्रेरणा लेता है मगर नुकसान उसी का नही हुआ जिसने सहस करके दर प काबू रखा हो बल्कि हार कर भी हार से जो प्रेरणा लेता है वही असली विजेता होता है

    2.     

              निरासवाद : हमारी आत्मा संका और अपने आप पर विश्वास की कमी ही हमें आगे बढ़ने से रोकती है अगर हम बहुत जादा सुरक्षात्मक रवैया रखते है तो अक्सर अच्छे मौके भी हमारे हाथ से निकल सकते है


    3.       आलस को पार करना :दोस्तो रोबर्ट का मानना है की अक्सर कुछ अधिक पाने की इच्चा ही अविष्कार को जन्म देती है उनका यह भी मनन है की हमें केवल अपने आप को बिजी रखन ही काम करना नही होता है बल्कि हमेशा पॉजिटिव रहकर बेहतर को हासिल करने की कोशिश बरक़रार रखनी चाहिए


    4.       सफल आदते :रोबर्ट का मानना है हमेशा हमें अपने अन्दर सफल आदते ही बनानी चाहिए और दुसरो से जादा पाने आप को ही प्रमुखता देनी चाहिए इसका बहुत बड़ा प्रभाव पड़ता है जो हमें सफलता की और लेके जाता है


    5.       अहंकार के पार जाना : दोस्तो हमें कभी भी इस बात का अहंकार नही करना चाहिए की हमारे पास क्या है बल्कि हमें किसी व्यक्ति विशेष जो की एक फिल्ड में विशेसग्य है उसकी सलाह लेनी चाहिए और उनसे कुछ न कुछ अच्छा सिखने की कोसिस करते रहनी चाहिए

     

     

    अध्याय 8 : सुरुआत करना



    जिस प्रकार हम साइकिल सीखते समय कई बार लड़खड़ाते है गिरते है फिर उठते है और चलते है ठीक उसी प्रकार ही हमें निरंतर प्रयास जारी रखन चाहिए और सुरुआत करने से घबराना नही चाहिए क्यों की किसी भी काम की सफलता का मुख्या भाग सुरुआत करना ही होता है


    अक्सर हम बड़े टारगेट देखकर ही दर जाते है और सुरुआत करने से डरते है क्यों की हमे हमारी मन्जिल बहुत दूर और मुश्किल नज़र आती है और हम ऐसा कारन खोज लेते है जो हमें अमीर बनाने से रोकती है


    दोस्तो लेखक का यह मानना है की हमें अपने मित्र ध्यान से चुनने चाहिए यदि आप अमीर बनान चाहते है तो अमीर दोस्त चुनने की जरुरत है


    हर किसी के अन्दर असाधारण शक्तिया होती है बस जरुरत होती है तो उन्हें पह्चाहने की और उस पर काम करने की, हम सबको जल्दी सिखने की इसी शक्ति को बढ़ाना चाहिए क्यों की लेखक कहते है की आप वही बनते है जो आप बनान चाहते है या अपने दिमाग में जो बात रखते है इसीलिए वो कहते है की अमीर लोग अमीरों की तरह सोचते है और हमेशा सबसे पहले अपने आप को ही प्रायोरिटी देते है

     


    नोट : अंत में यही कहना चाहूँगा की ऊपर दी हुई जानकारी रिच डैड पूर डैड पुस्तक में लिखी जानकारी के आधार पर है जिनकी समीक्षा अपने शब्दो में की गयी है कृपया यदि आपको कोई अंक या अनुच्छेद में कोई जानकारी गलत या अलग लगती है जो लगता है की इस समीक्षा में संकलित नही होनी चाहिए थी तो कृपया हमारे कांटेक्ट अस पेज प दी गयी ईमेल ईद पर सूचित करे यदि यह पाया गया की उपरोक्त कोई जानकारी गलती से टाइप हो गयी है तो उसको सही करने या हटाने की तत्काल कोशिस की जाएगी

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