Who is Kiran Bedi? | किरन बेदी कौन है ? बायोग्राफी

किरन बेदी का जन्म 9 जून 1949 को अमृतसर पंजाब में हुआ था उनके पिता प्रकाश लाल और माता का नाम प्रेम लता है किरन बेदी भारतीय पुलिस सेवा ज्वाइन करने वाली पहली महिला है इस समय वह भारतीय पुलिस सेवा से सेवानिवृत हो चुकी है और एक सामाजिक कार्य करता है पूर्व में वह भारतीय टेनिस खिलाडी रह चुकी है और वर्तमान में वह एक राजनेता के रूप में कार्य कर रही है वह पोंडिचेरी की उपराज्यपाल भी रह चुकी है

2007 में भारतीय पुलिस सेवा से स्वच्चिक रिटायरमेंट लेने के बाद से उनोने भारतीय राजनीती में कदम रखा, वह पुलिस रिसर्च एंड डेवलपमेंट  ब्यूरो के डायरेक्टर  जनरल  के रूप में कार्य कर चुकी है 


Who is Kiran Bedi? | किरन बेदी कौन है ? बायोग्राफी




जन्म दिवस व स्थान

9 जून 1949 को अमृतसर, पंजाब में

पेरेंट्स ( माता पिता)

प्रकाश लाल एवं प्रेम लता

व्यवसाय

सामाजिक कार्यकर्ता, रिटायर्ड आईपीएस, राजनीतिज्ञ

शिक्षा

बी.ए (Hons.) अंग्रेजी 1968

एम.ए राजनीती विज्ञान 1970

एल.एल.बी. 1988

पी.एच.डी. 1993

परिवार

ब्रिज बेदी (पति 1972-2016), व बेटी सयिना बेदी

पुरस्कार व सम्मान

रमन मग्सेसे पुरस्कार,

जोसफ ब्यूज पुरस्कार

अंतर्राष्ट्रीय महिला पुरस्कार

महिला सिरोमणि पुरस्कार

भारतीय मानवता विकास पुरस्कार

इसके अलावा और भी बहुत .....


About -

बचपन में ही किरन बेदी ने रास्ट्रीय  जूनियर टेनिस चैंपियन बन चुकी थी इसके अलावा उनोहोने राज्य तथा रास्ट्रीय स्टार पे और भी कई उपलब्धिया हासिल की, उन्होंने अपने पुलिस के कैरियर में महिलाओ के खिलाफ हो रहे अत्याचार को रोका और नशीली पदार्थो की लत में आ चुके सहर को भी नशा मुक्त करने में अपना महत्वपूर्ण योगदान दिया, 

Education - किरण बेदी अंग्रेजी  भाषा से BA (honours) से 1968 में उपाधि ली  जिसके बाद उन्होंने MA (इन पोलिटिकल साइंस) किया, 1988 में LLB तथा 1993 में Ph.D की उपाधि हासिल कर चुकी है उनकी अधिकार पढाई पंजाब विश्वविद्यालय, दिल्ली विश्वविद्यालय और IIT दिल्ली से ही हुई है

Family - किरण बेदी के पति का नाम ब्रिज बेदी था और उनकी एक बेटी है जिनका नाम सानिया बेदी है 

Career - दोस्तो हलाकि किरण बेदी जी भारत की पहली महिला IPS रह चुकी है लेकिन आपको बता दे की उन्होंने अपने कैरियर की सुरुआत एक व्याख्याता (Lecturar) के रूप में 1970 में खालसा महिला कॉलेज, अमृतसर पंजाब से की थी और मात्र दो साल के अपने टीचिंग के करिएर में ही उन्होंने भारतीय प्राशासनिक सेवा को विशद कर लिया था


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