IP Address kya hai? aur kaise pata kare?(2 Best way to find)

अगर आप Internet का इस्तेमाल करते है और आपने Internet Protocol यानि IP address का नाम न सुना हो ऐसा शायद ही संभव हो,  लेकिन यदि आप नही जानते की IP Address kya hai? तो इसमें परेशानी की कोई बात नही है क्यों की हम बहुत सरे ऐसे काम कर लेते है जिनके बारे में हमें किताबी ज्ञान की जरुरत नही होती.

IP Address kya hai

आपने फिल्मो में ये जरुर देखा होगा की कैसे कोई Hacker IP Address की मदत से ये पता लगा लेता है की आप की लोकेशन क्या है और यह सब होता है networking devices से, जी हा दोस्तो यह जो internet होता है वो और कुछ नही बल्कि इन्ही networking devices का इंटरकनेक्शन होता है

यानी internet को बनाने के लिए ये devices आपस में कनेक्ट होकर एक बहुत बड़ा नेटवर्क तैयार करते है वही को हम internet कहते है internet दरअसल कई अनगिनत छोटे छोटे networks को मिलकर ही बनता है नेटवर्क devices वो है जो की एक नेटवर्क से जुड़े रहते है जैसे  की हमारा computer, PC, Mobile Phone, Switch, Router etc.

IP Address kya hai? (what is IP address in Hindi?)

IP Address का फुल form होता है Internet Protocol Address, जी हा internet पर मौजूद हरेक device का अपना एक address होता है जिससे की किसी भी device का पता लगाया जा सकता है

यह address हरेक device के लिए अलग – अलग होता है और किन्ही दो device या computer का एक ही IP Address नही हो सकता

अब आपके मन में यह सवाल आ रहा होगा की हम तो internet पर web address जैसे www.google.com etc का इस्तेमाल करते है फिर ये ip address kya hai जानने का क्या मतलब, जी हा आप सही सोच रहे है आपको यदि टेक्नोलॉजी में जादा इंटरेस्ट नही है फिर भी एक स्मार्ट यूजर बन्ने के लिए आपको IP के बारे में थोडा बहुत पता होना चाहिए

IP address की definition की बात करे तो IP यानी internet Protocol एक नंबर होता है (like – 202.284.109.234) जो की internet या किसी भी network से connect हरेक device को allot किया जाता है इसको networking device द्वारा automatically या हमारे द्वारा manually भी assign किया जाता है

IP को हम एक ‘set of rules’ यानी ‘नियमो का एक संग्रह’ भी कह सकते है जो की internet पर एक device को दुसरे device से कैसे बात करनी है या communicate करना है यह बताता है

IP based communication ip packets के रूप में होता है इन packets में कुछ डाटा मौजूद रहता है जिसके माध्यम से दो computer या devices आपस में बात कर पाते है जैसे की source computer/device का ip address और mac address, destination computer/device का ip address और mac address, actual data (0’s and 1’s की form में).

IPv4 Vs IPv6 में क्या अंतर है? (Difference Between IPv4 Vs IPv6)

IP address के दो version’s है या आसन भाषा में समझने के लिए आप कह सकते है की ip address के दो generation’s है

  • IP version 4 (IPv4)
  • IP version 6 (IPv6)

IP version 4 या IPv4 क्या है? 

IPv4 या ip version 4 एक 32-बिट का नंबर होता है जो एक बिंदु (.) से चार भागो में बटा होता है इन चार भागो को हम octet कहते है हर octet 8-बिट का होता है इसे हम binary या decimal के रूप में दर्शाते है

Ex.

ip address kya hai
IP Address kya hai? aur kaise pata kare?(2 Best way to find) 1

अपनी सुविधा के लिए ताकि आसानी से याद रखा जा सके ip को decimal रूप में दर्शाते है लेकिन दो मशीन एक नेटवर्क में decimal नही बल्कि binary रूप में एक दुसरे से communicate करते है

प्रतेक octet के 0 से 255 तक combination हो सकते है जिसमे की पहला इप नंबर network address और लास्ट नंबर broadcast address होता है

IPv4 में 2^32 अथवा 4 बिलियन से भी अधिक address होते है हलाकि इसमें से सभी ip यूज़ नही हो पते बल्कि कुछ network और broadcast address के लिए यूज़ होते है

इसके अलावा internet के बढ़ते हुए इस्तेमाल से IPv4 के लगभग सभी address internet users और service providers को allocate हो चुके है

यह अनुमान लगाया गया है की पूरी दुनिया की कुल जनसँख्या लगभग 7 बिलियन के आसपास है और ipv4 की सीमा 4.3 बिलियन (लगभग) यही कारण है की IPv6 का जन्म हुआ

IP address Classes (IPv4)

दोस्तो जैसा की हम जानते है की हमें घर, ऑफिस, होटल आदि में एक निश्चित मात्रा/ नंबर में ही devices का इस्तेमाल होता है और हर एक नेटवर्क का साइज़ भी अलग अलग होता है

कही पर हमें अधिक host (computer जो की internet/ network से connected रहते है) तो कही पे हमें अधिक networks की जरुरत होती है, जैसे की हमें ऑफिस में multiple network की जरुरत पड़ती है जैसे आईटी डिपार्टमेंट के लिए अलग network, HR dept. के लिए अलग etc

इन्ही जरुरत के हिसाब से अलग-अलग टाइप के network का इस्तेमाल किया जाता है जिसके लिए इनको अलग अलग क्लासेज में बाटा गया है तो आइये जानते है ip address के different classes के बारे में –

IP Address Classes

network और host(Node) के आधार पर ip address को 5 क्लासेज में बाटा गया है जो की class A से E तक होते है जिसमे से class A से लेकर class C तक ही normally यूज़ होते है बाकी के D और E classes मल्टीकास्ट और एक्सपेरिमेंटल यूज़ के लिए reserved होते है

ip address की हरेक class no. of host और no. of network के सीमा को दर्शाती है तो आइये जानते है ip address की class को किस प्रकार से बाटा गया है –

32-बिट के ip address पहला octet यह निर्णय करता है की network और host कितने होंगे –

Class typeIP RangeRemarks
Class A0 to 126127 is reserved for loopback address
Class B128 to 191 
Class C192 to 223 
Class D224 to 239used for multicast
Class E240 to 255reserved for experimental purposes

आइये विस्तार में जानते है ip के विभिन्न classes के बारे में –

Class-A (0 to 126)

class A type की ip address में पहला बाइट यानी पहले 8 बिट्स यह दर्शाते है की कितने network आपको बनाने की जरुरत है यानी की हम कह सकते है की यदि आपको कम network और बहुत अधिक मात्र में host यानी की network से connected devices की आवश्यकता होती है उस दशा में class A ip address का यूज़ किया जाता है

Ex. class A के address का format – N.H.H.H (100.1.1.0)

यहा पर N – network को और H – host को दर्शाता है यानी की हम बोल सकते है की class A में 126 no.s तक network बनाये जा सकते है और हरेक network में लगभग 2^24 यानी लगभग 20 लाख से भी अधिक host रख सकते है

अगर इसको सोचे तो यह एक बहुत ही massive network बन जायेगा जो सामान्यत बड़ी organization में ही यूज़ में आते है आम जनता या छोटे ऑफिस के लिए इस प्रकार के network नही बनाये जाते है यह पर एक और network id – 127 होती है जिसका हम यूज़ नही करते है इसको हम loopback address के नाम से जानते है

Class B (128 to 191)

class B ip address को पहचानने के लिए हमें यह देखना होता है की ip address का पहला बाइट यानि की पहले 8-बिट्स 128 से लेकर के 191 की रेंज में होने चाहिए, class B ip address format –

Ex. class B के address का format – N.N.H.H (190.100.100.12)

इसमें पहले 2 बाइट यानी की पहले 16-बिट्स network को दर्शाते है और बाकि के 16-बिट्स host को इसमें no. of host लगभग 2^16 यानी 65 हज़ार हो सकते है

Class C (192 to 223)

Class C ip address सबसे जादा यूज़ होने वाले ip होता है इसमें छोटे-छोटे बहुत से network बनाये जा सकते है generally offices में यही class यूज़ की जाती है

Ex. class C के address का format – N.N.N.H (192.168.0.86)

इसमें पहले 3 बाइट यानी की पहले 24-बिट्स network बिट्स कहलाती है और आखिरी बाइट या आखिरी 16 बिट्स host बिट्स कहलाते है

Class D (224 to 239)

class D ip address multicast के लिए यूज़ किये जाते है multicast का मतलब होता है की किसी ए host या computer से जब multiple यानी बहुत सारे computer या host को कोई डाटा भेजा जाता है तो उसे multicast कहा जाता है

Class E (240 to 255)

class E के ip address आम तौर पर यूज़ नही किये जाते है इनको यूज़ करने का permission केवल वैज्ञानिको को experimental purpose के लिए ही होता है इसीलिए इसके बारे में जादा जानने की भी जरुरत नही होती है

IP version 6 या IPv6 क्या है?

IPv6 को हम नए ज़माने का ip address भी कह सकते है क्यों की इसका विकास ही next generation internet protocol का आधार है internet के बढ़ता उपयोग से IPv4 address की सीमा में समाप्त हो रही है जिसकी वजह से IPv6 का जन्म हुआ 

IPv4 और IPv6 में मुख्या अंतर यही है की IPv4 32-बिट का address होता है जो की लगभग 4 बिलियन address ही प्रोवाइड कर पता है वही IPv6 128-बिट hexadecimal नंबर होता है जो की लगभग 340 undecillion addresses प्रोवाइड करता है जो की एक बहुत बड़ा नंबर है 

किसी भी device पर हम ip version 4 और version 6 एक साथ यूज़ कर सकते है, network address transllation की मदत से यह पॉसिबल हो पता है

IPv4 Vs IPv6 Difference

ParticularIPv4IPv6
Sizeयह 32-बिट लम्बा address होता हैयह 128-बिट लम्बा address होता है
formatयह एक decimal नुमेरिक नंबर होता है जो की एक बिंदु(dot) से सेपरेटेड होते हैयह एक hexadecimal alphanumeric नंबर होता है जिसमे 8 field (colon 🙂 से सेपरेटेड होते है
classयह 4 class में विभाजित रहता हैइसमें कोई class नही होती है
RangeIPv4 में एक लिमिटेड नंबर्स of address ही होते है जो आज के समय में लगभग समाप्त होने वाले हैइसमें ip address की बहुत बड़ी रेंज होती है जिसका समाप्त होना लगभग इम्पॉसिबल है
number of addressलगभग 4 बिलियनलगभग 340 undecillion
octet4 octet होते है16 octet होते है इसमें
formatइसमें ip address decimal number के format में होते हैइसमें ip address को hexadecimal format में रिप्रेजेंट किया जाता है

Types of IP Address (IP address कितने प्रकार का होता है?)

हरेक computer जो की किसी भी network या internet से जुदा होता है उसके लिए यह आवश्यक होता है की उसको एक यूनिक नंबर assign किया जाता है जिसे उस computer का address भी कहते है इसी address में माध्यम से किसी device का पता लगाया जाता है internet पर जिससे की उसी computer या सर्वर से communicate किया जा सके जिससे हम communicate करना चाहते है

internet और स्माल computer network  के आधार पर ip address 2 प्रकार के होते है –

  • Private IP Address and
  • Public IP Address

Private IP Address

private ip address लोकल एरिया network यानी की LAN में स्थित computer और devices को assign किया जाता है और same network में ही डाटा का communication हो पता है 

इस प्रकार का address किसी एक network में तो यूनिक होता है मगर यदि दुसरे network में जायेंगे तो भी हमको same ip address मिल सकता है इसीलिए इसको लोकल ip address भी कहा जाता है

ये adress लोकल network में केवल राऊटर को ही पता होते है जिनसे सभी host कनेक्ट रहते है इसको होम network भी कहा जा सकता है इस प्रकार के network में डाटा का communication राऊटर के माध्यम से होता है और राऊटर ही सम्बंधित computer / host को डाटा फॉरवर्ड या रिसीव करता है

राऊटर ही इन network में ip address automatically assign करता है या हम भी manually assign कर सकते है

Public IP Address

पब्लिक ip address किसी network से दुसरे network या globally internet से communication के लिए assign किये जाते है ये मुख्या रूप से हमारे service प्रोवाइडर यानी की ISP द्वारा assign किये जाते है

पब्लिक address मैनली राऊटर द्वारा यूज़ किये जाते है पब्लिक ip address किसी computer को उसी दशा में assign होते है जब हम उसको पर्सनल यूज़ न करके किसी कंपनी से सर्वर आदि के लिए यूज़ करते है

इसमें राऊटर को एक DSL modem यानी digital subscriber line से कनेक्ट कर दिया जाता है जिससे यह लोकल computer न होकर के एक यूनिवर्सल/ ग्लोबल network पे आ जाता है और डाटा का communication हो पता है

Private IP AddressPublic IP Address
इनका एरिया लोकल तक ही सिमित रहता हैये ग्लोबल network या internet से communicate कर पाते है
यह फ्री में अवेलेबल रहता हैइसके लिए हमें कुछ फीस अपने ISP को चकनी पड़ती है

किसी का भी IP Address कैसे पता करे? (How to Find IP Address?)

किसी का भी ip address कैसे पता करे यह कोई बहुत मुश्किल काम नही है दोस्तो जैसा की अब तक आप जान ही गए होंगे की ip address दो प्रकार के होते है प्राइवेट ip address और पब्लिक ip address और दोनों को ही हम अलग अलग तरीके से पता कर सकते है की हमारा computer या कोई अन्य device कौन सा ip address यूज़ कर रहा है

Local ip address कैसे पता करे?

दोस्तो अगर हमें अपने computer का लोकल ip address पता करना है तो हमारे पास बहुत से विकल्प उपलब्ध है मगर मई इनमे से एक आसन वाला आपको बताऊंगा –

Steps:-

  • सबसे पहले आपको अपने computer के search menu में जाना होता है
  • search में आपको ‘CMD’ type करना होगा इसे आप स्माल या कैपिटल लैटर दोनों में ही type कर सकते है
  • इसको करने के बाद आपके पास एक ब्लैक कलर की विंडो खुलकर आ जाएगी
  • इस विंडो में आपको ‘ipconfig’ कमांड type करना होगा
  • उसके बाद आपके पास कुछ डाटा आ जायेगा इसमें IPv4 नाम से एक डाटा आएगा जो आपका ip address होता है

Public IP Address कैसे पता करे?

पब्लिक ip address पता करने के लिए हमें google पर जाना होगा और type करना है ‘what is my ip address’

ip address kya hai | ip address kaise pata kare

उसके बाद आपके पास कुछ ऐसी स्क्रीन खुलकर आ जाएगी जो की आपका पब्लिक ip address होता है

IP Address FAQ

Q #1 Local ip address कैसे पता करे? 

Answer #1 लोकल ip address पता करने के लिए आपको अपने सिस्टम या computer में search में जाकर cmd type करना होगा, cmd ओपन होने के बाद आप उसमे ipconfig कमांड type करेंगे, आपको लोकल ip address दिख जायेगा

Q #2 मेरा ip क्या है? 

Answer #1 अपना ip जानने के लिए आपको सिम्पली google पर जाना है और वह type करना है what इस my ip address और आपको आपका ip address मिल जायेगा

Conclusion

आपने क्या सिखा? जी हा दोस्तो इतना बड़ा लेख पढने के बाद यदी कोई आपसे पूछे की आप IP address क्या है? (IP Address in HIndi) के बारे में आप कितना जान पाए तो मुझे यह उम्मीद है की आप का जवाब पॉजिटिव ही होगा और आप यह बोल पाएंगे की अब आप ip address के बारे में पूरी बेसिक जानकारी रखते है यदि फॉर भी आपके मन में कोई डाउट या संका रह जाती है तो हमें कमेंट में जरुर बताये हम पूरी कोशिस करेंगे की आपके प्रश्न का सही उत्तर दे पाए, और अगर आपको यह लेख अच्छा लगा तो ओने सोशल मीडिया में भी जरू से जरुर शेयर करे, धन्यवाद!

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