नई व्हीकल स्क्रैपेज पॉलिसी को अपनाने के क्या है फायदे?

नई व्हीकल स्क्रैपेज पॉलिसी
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दोस्तो देश के प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी जी ने भारत में नई व्हीकल स्क्रैपेज पॉलिसी (vehicle scrappage policy in hindi) को लांच कर दिया है जिसको लेकर लोगो के मन में डर बैठ गया है और लोगो को अपनी पुरानी गाडियों को लेकर चिंता सताने लगी है की उनकी पुरानी गाडियों का अब क्या होगा.

एक सर्वे के अनुसार भारत में अभी भी आधे से अधिक लोग पुराने वाहनों का उपयोग करते है जिससे न सिर्फ प्रदुषण की समस्या में इजाफा हो रहा है बल्कि पर्यावरण की सुरक्षा के साथ भी खिलवाड़ हो रहा है.इन्ही सब समस्यों से निपटने के लिए भारत सर्कार ने व्हीकल स्क्रैपेज पॉलिसी को अपनाने का फैसला लिया है.

सबसे पहले हम यह जानेंगे की व्हीकल स्क्रैपेज पॉलिसी क्या है और फिर उसके लाभों के बारे में बताएँगे.

नई व्हीकल स्क्रैपेज पॉलिसी क्या है?

13-अगस्त-2021 को भारत के प्रधान मंत्री मोदी जी के द्वारा लांच की गयी नई व्हीकल स्क्रैपेज पॉलिसी भारत के लोगो द्वारा उपयोग में लायी जाने वाली ऐसी सभी गाड़िया जो की भारत के मोटर व्हीकल एक्ट के तहत अनफिट है और प्रदुषण का कारण है ऐसी सभी गाडियों का रजिस्ट्रेशन रद्द कर दिया जायेगा, यानी उनको स्क्रैप किया जायेगा.

इस पालिसी के तहत पुरे देश में रजिस्टर्ड स्क्रैप फैसिलिटी (Registered Scrap Facility) बनाया जायेगा जिसमे पुरानी गाडियों का फिटनेस टेस्ट (Fitness Test) फ़ैल होने पर जमा करना होगा, जहा पर जमाकर्ता को एक डिपाजिट सर्टिफिकेट दिया जायेगा, जिसका उपयोग नयी गाडियों को खरीदने पर किया जायेगा और नई गाडियों की खरीद पर डिस्काउंट दिया जायेगा और नए वाहन के रजिस्ट्रेशन में भी छूट मिलेगी.

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व्हीकल स्क्रैपेज पॉलिसी के फायदे

  • व्हीकल स्क्रैपेज पॉलिसी को “कचरे से कंचन अभियान” का नाम देते हुए भारत के प्रधान मंत्री में बताया की इस पालिसी से न सिर्फ प्रदुषण कम होगा बल्कि पर्यावरण की भी सुरक्षा होगी.
  • प्रदुषण की समस्या कम होने से लोगो के स्वास्थ्य पर भी अच्छा असर पड़ेगा, तथा काले और ख़राब गाडियों के धुंए से होने वाले कई तरह के रोगों में कमी आएगी.
  • पुरानी गाडियों को स्क्रैप करने से व्हीकल मैन्युफैक्चरर कम्पनीयों को भी लाभ पहुचेगा और मोटिवेशन मिलेगा.
  • इससे रोजगार तथा निवेश के अवसरों में वृद्धि होगी जिससे बेरोजगारी की दर में भी कमी आएगी.
  • इस अभियान के तहत पुरानी गाडियों को रीसायकल कर उनसे जरुरी चीजों जैसे स्टील आदि को इकट्ठा कर पुनः उसका उपयोग नै गाडियों के विनिर्माण में किया जायेगा जिससे नै गाडियों में कीमतों (दरों) में भी गिरावट आएगी.

FAQ’s

कितनी पुरानी गाडियों को स्क्रैप किया जायेगा?

निजी गाड़िया जो 20 साल से अधिक पुरानी है तथा 15 साल से अधिक पुरानी कमर्शियल गाडियों का फिटनेस टेस्ट कराना होगा, यदि फिटनेस टेस्ट में गाड़ी अनफिट पायी जाती है तो यूज़ आपके शहर के रजिस्टर्ड स्क्रैप फैसिलिटी पर जमा करना होगा.

इस पालिसी से ग्राहकों को कैसे फायदा होगा?

अपनी पुरानी गाडी को स्क्रैप फैसिलिटी पर जमा करने पर आपको एक डिपाजिट सर्टिफिकेट दिया जायेगा, जिससे आपको नै गाडियों की खरीद पर लगभग 5% तक की छूट दी जाएगी और रजिस्ट्रेशन में भी छूट मिलेगी.

इस पालिसी से मोटर कंपनी को क्या लाभ होगा?

स्क्रैप पालिसी के तहत गाडियों के विनिर्माण हेतु रॉ मटेरियल आसानी से उपलब्ध हो पायेगा जिससे गाडियों का विनिर्माण सस्ती दरों में हो सकेगा जिससे ग्राहकों को भी कम दरों पर गाड़िया खरीद पाएंगे.

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