ब्लाकचैन क्या है? क्या सुचना, संचार और डिजिटल एसेट का भविष्य यही होगा?

Blockchain Technology in hindi: दोस्तों ब्लाकचैन भविष्य की टेक्नोलॉजी (प्रोद्योगिकी) है जिसका उपयोग सुचना, नेटवर्किंग, संचार और डिजिटल एसेट्स को सुरक्षित रखने के लिए किया जा सकता है आज हम आपको ब्लाकचैन टेक्नोलॉजी के बारे में जानकारी प्रदान करने वाले है जिससे आपके मन में इस प्रोद्योगिकी से जुड़े सभी सवालो के जवाब देने की कोशिश करेंगे और उम्मीद यही होगी की आज के बाद आपके मन में ब्लाकचैन से जुड़ा कोई प्रश्न न रहे.

ब्लाकचैन आने वाले समय में लगभग सभी क्षेत्रों में चाहे वह सप्लाई चैन, हेल्थकेयर, क्रिप्टोकरेंसी, सुचना संचार, साइंस एंड टेक्नोलॉजी या फिर लॉ एंड आर्डर हो हर क्षेत्र में इस टेक्नोलॉजी का विस्तार संभव है और एक्सपर्ट्स की माने तो इसपर रिसर्च का कार्य भी चल रहा है, अब मन में यह सवाल आता है की आखिर यह टेक्नोलॉजी है क्या? और कैसे यह सभी क्षेत्रों में भविष्य की टेक्नोलॉजी बन्ने वाली है और यह सामान्य टेक्नोलॉजी से कैसे अलग है आज इस लेख के माध्यम से इन सभी विषयों पर चर्चा की जाएगी.

ब्लाकचैन क्या है? Blockchain Technology in Hindi

ब्लाकचैन क्या है (Blockchain technology in hindi)
ब्लाकचैन क्या है? क्या सुचना, संचार और डिजिटल एसेट का भविष्य यही होगा? 1

ब्लाकचैन टेक्नोलॉजी एक देसन्त्रलाईसड(Decentralised) डेटाबेस होता है जो की किसी कंप्यूटर नेटवर्क में मल्टीप्ल नोड्स(Computers) पर वितरित होता है इसमें आपका डाटा किसी एक सेंट्रल कंप्यूटर में स्टोर नही होता बल्कि यह दुनिया भर के तमाम कंप्यूटर पर स्टोर होता है जो की इसे सुरक्षा भी प्रदान करता है क्यों की एक कंप्यूटर पर डाटा को बदला जा सकता है मगर जो डाटा कई कंप्यूटर पर है उसे एक जगह से नही बदला जा सकता.

ब्लाकचाय वैसे तो लगभग 1990 के आसपास विकसित हुआ था पर यह उपयोग में 2009 में आया था जब एक अज्ञात व्यक्ति जिसको सातोशी नकामोतो के नाम से भी जाना जाता है उसने ब्लाकचैन टेक्नोलॉजी का उपयोग करके बिटकॉइन(Bitcoin) नामक डिजिटल करेंसी का निर्माण किया था उम्मीद करते है की बिटकॉइन का नाम आप सभी ने सुन रखा होगा, क्यों की यह वर्तमान में सबसे प्रचलित डिजिटल करेंसी के तौर पर भी जाना जाता है.

ब्लाकचैन (Blockchain)

दरअसल ब्लाक चैन यानी ब्लॉक्स की चैन (chain of blocks) इसमें किसी भी प्रकार के डाटा को डिफरेंट ब्लॉक्स में स्टोर किया जाता है हर ब्लाक की एक कैपेसिटी होती है जिसके भर जाने पर एक न्य ब्लाक तैयार हो जाता है जो पिछले ब्लाक से कनेक्ट रहता है किसी भी डाटा ब्लाक की एक यूनिक खूबी होती है जिसे कंप्यूटर पहचान सकता है –

ब्लाक चैन में मुख्यतः 3 प्रकार से डाटा को स्टोर किया जाता है-

  1. Transaction details
  2. HASH code (unique code)
  3. HASH code of previous block

वैसे तो ब्लाकचैन में किसी भी प्रकार के डाटा को स्टोर किया जा सकता है पर आम तौर पर इसमें transaction of ledger स्टोर किया जाता है बित्कोइन के केस में. ब्लाकचैन डाटा को स्टोर करने के लिए क्रिप्टोग्राफ़ी अल्गोरिथम का उपयोग करता है जिसमे डाटा की स्कुरिटी बढ़ जाती है.

ब्लाकचैन और कंप्यूटर डेटाबेस से कैसे अलग है?

आमतौर पर किसी भी कंप्यूटर डेटाबेस में डाटा को टेबल्स की रूप में स्टोर किया जाता है वहीं ब्लाकचैन में डाटा को ग्रुप अथवा ब्लाक के रूप में स्टोर किया जाता है ये डाटा ब्लॉक्स अलग अलग कंप्यूटर पर सुरक्षित होते है तथा किसी भी ब्लाक को यदि बदलने की कोशिश की जाए तो उससे जुड़े हुए ब्लाक में एक चेंज का सिग्नल चला जायेगा और पूरा नेटवर्क उसको वेरीफाई करने का कार्य करेगा यदि वह बदलाव सही पाया गया तभी सिस्टम उसको लागू करेगा अन्यथा नही.

चुकी कंप्यूटर डेटाबेस किसी भी एक सेंट्रल सर्वर कंप्यूटर पर ही स्टोर होता है इसीलिए उसमे बदलाव करना संभव होता है वहीं ब्लाक चैन में डाटा ब्लाक बहुत से कंप्यूटर पर स्टोर होते है जिसको एक साथ बदल पाना नामुमकिन सा है.

ब्लाकचैन में किसी भी अकेले व्यक्ति के पास कण्ट्रोल नही होता है जिससे कोई अकेला उसमे कोई बदलाव नही कर सकतावहीं सेंट्रल डेटाबेस में कण्ट्रोल एक अकेले व्यक्ति अथवा संस्था के पास होता है जिसमे बदलाव अथवा हैक करना संभव होता है.

क्या ब्लाकचैन सुरक्षित है?

दोस्तों यदि यह प्रश्न आपके मन में आ रहा है तो आपको बता दें की यह अब तक की किसी भी टेक्नोलॉजी से कई गुना सुरक्षित है बता दें की ब्लाकचैन जितना पारदर्शी है उतना ही सुरक्षित भी है चुकी इसमें किसी भी ट्रांसकसन का एक हैश कोड जेनरेट होता है जिसे कोई भी ऑनलाइन देख सकता है परन्तु यह कोई नही बता सकता की वह किसके द्वारा और कहा से किया गया है चुकी यह एक क्रिप्टोग्राफ़ी कोड होता है.

आपको एक उदहारण से बताये तो मान लीजिये की आपका किसी बैंक में अकाउंट है और उसका पूरा सर्वर और डेटाबेस उसके हेड ऑफिस में चल रहा है अब वह बैंक या संस्था हमारे सभी के अकाउंट और पैसो से जुड़े लेनदेन का कण्ट्रोल अकेले बैंक के पास ही है और यदि वह चाहे तो किसी के भी Transaction अथवा लेजर को बदल सकता है अथवा उसको किस हैकर द्वारा हैक करके बदला जा सकता है.

ऐसे में यदि डिटेल में बदलाव कर दिया जाए तो क्या होगा, हेम मालूम है आप कहेंगे की हमारे पास फिजिकल पासबुक है जिसके पूरा लेज़र मेनटेन है मगर आजकल का जमाना ऑनलाइन का है और बहुत कम लोग ही पासबुक का इस्तेमाल करते है यदि कोई हैकर चाहे तो आपका पूरा अकाउंट खली कर सकता है हलाकि यह संभव नही होगा क्यों की बैंक अपने सर्वर और डाटा का बैकअप सुरक्षित रखता है.

ऐसे में यदि हम आपसे कहे की ब्लाकचैन में किसी भी अकेले व्यक्ति अथवा संस्था के पास पूरा कण्ट्रोल नही होता है और कोई भी व्यक्ति या संस्था उसमे बदलाव नही कर सकता चुकी हमारा डाटा दुनिया भर के तमाम कंप्यूटर पर सुरक्षित है ऐसे में यदि कोई हैकर किसी एक कंप्यूटर को हैक भी करले और बदलाव भी कर दे तो भी बाकी के कंप्यूटर उसको अप्रूवल नही देंगे किस भी बदलाव को करने के लिए, क्यों की ब्लाकचैनमें किसी भी Transaction को बदला अथवा मिटाया नही जा सकता.

ब्लाकचैन(Blockchain) के फायदे

  • ब्लाक चैन का उपयोग यदि डिजिटल करेंसी के लेन देन में लागू कर दिया जाए तो इससे इसमें आने वाले Transaction feeको भी कम किया जा सकता है अथवा ना के बराबर भी किया जा सकता है चुकी इसमें किसी भी एक सेंट्रल संस्था अथवा बैंक आदि का कण्ट्रोल नही होगा और ना ही उसको मैनेज करने के लिए अतिरिक्त खर्च आवेगा.
  • चुकी ब्लाकचैन में किसी भी एक transaction को दुनिया भर के तमाम कंप्यूटर द्वारा वेरीफाई किया जाता है इसलिए इसमें होने वाले किसी भी प्रकार का लेन देन बहुत अधिक सुरक्षित होता है और यह उससे भी अधिक एक्यूरेसी के साथ भी कार्य करता है.
  • जब भी आप किसी क्रिप्टो एक्सचेंज में अपना अकाउंट बनाते है आपका पर्सनल डाटा एक्सचेंज के पास सुरक्षित रहता है तथा आपको एक पब्लिक key प्रदान की जाती है जिसका उपयोग आप किसी भी अन्य को Transaction करने के लिए करते है चुकी क्रिप्टो Transaction पब्लिक और पारदर्शी होता है जिसमे आपका पब्लिक key को ही देखा जा सकता है न की आपका पर्सनल इनफार्मेशन.

Private और Public Blockchain क्या होता है?

दोस्तों जब भारत में क्रिप्टो करेंसी बिल लागू होने की कगार पर था तब Private and Public क्रिप्टो करेंसी बहुत अधिक प्रचलित हुआ चुकी यह न्यूज़ आ रही थी की प्राइवेट करेंसी को बैन किया जा सकता है तभी लोगो ने यह जानना शुरू किया की आखिर पब्लिक और प्राइवेट करेंसी अथवा ब्लोच्क्चैन होता क्या है.

Public Blockchain चुकी ब्लाक चैन एक डिस्ट्रिब्यूटेड नेटवर्क है जिसमे किसी को भी कोई Transaction करने की सहमती है सामान्य तौर पर अधिकतर Cryptocurrency पब्लिक ब्लाकचैन पर ही काम करती है जो की एक वोटिंग सिस्टम अथवा आम सहमति के अल्गोरिथम पर कार्य करता है.

इसमें किये गए किसी भी transaction को बाकी के कंप्यूटर जब सहमत हो जाते है की वह सही है तभी मान्य होता है अन्यथा नही चुकी कण्ट्रोल भी सबके पास होता है तो सहमती भी सबकी होती है.

वैसे यदि Blockchain के Distributed network में 51% या उससे अधिक की सहमती होना आवश्यक होता है किसी transaction को वेरीफाई करने के लिए.

Private Blockchain में कोई भी transaction नेटवर्क में मौजूद सभी कंप्यूटर द्वारा वेरीफाई ना होकर किसी एक संस्था के द्वारा मान्य किया जाता है.

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