Fundamentals About Formal Letter You Didn’t Learn in School | औपचारिक पत्र लेखन

दोस्तो आप चाहे किसी भी कक्षा में पढने वाले छात्र हो या फिर कोई नौकरी पेशा व्यक्ति हों, समय समय पर ऐसे कई मौके आते है जब आपको औपचारिक पत्र लेखन – Formal Letter in Hindi, की आवश्यकता पड़ती है जैसे अपने स्कूल के प्रधानाध्यापक को छुट्टी के लिए पत्र लेखन, कार्यालय में अवकाश हेतु पत्र या सरकारी विभागों कार्यालयों आदि को लिखे जाने वाले पत्र.

आज हम इस लेख में इन्ही प्रकार के औपचारिक पत्रों (Formal Letter in Hindi) के लेखन के बारे में बताने वाले है जिनसे आपको पत्र लेखन में सहायता मिलेगी.

औपचारिक पत्र लेखन क्या है? – Formal Letter Writing in Hindi

पत्र लेखन एक दुसरे से संपर्क स्थापित करने और आवश्यक दस्तावेजो को लीगल तौर पर संकलित करने की एक कला है, पत्र लेखन का महत्व पुराने समय से ही महत्वपूर्ण स्थान रखता है.

जहा आज कल के ज़माने में हमारे पास संपर्क साधने और एक दुसरे से जुड़ने के तमाम साधन है वहीं पुराने समय में मात्र कागज कलम के अलावा संपर्क करने हेतु कोई साधन उपलब्ध नही था.

हलाकि आज के ज़माने में भी व्यक्तिगत और व्यापारिक जरूरतों के लिए पत्र लेखन का महत्वपूर्ण स्थान है व्यक्ति विशेष के लिए पत्र लेखन अपने विचारो को लिखित रूप में प्रकट करने का एक सटीक, सरल और शसक्त माध्यम है.

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पत्र लेखन के प्रकार

सामान्य तौर पर पत्र लेखन दो प्रकार के होते है पहला वह जिसमे हम कोई पत्र अपने मित्रो और परिवार के सदस्यों को लिखते है और उनसे संपर्क करने का प्रयास करते है इस प्रकार के पत्रों का कोई निर्धारित प्रारूप न होकर व्यक्ति विशेष पर निर्भर करता है तथा भाषा और शैली आम बोलचाल की भाषा शैली से मिलती जुलती हो सकती है.

वहीं दूसरा प्रकार प्रशासन, कार्यालय, संस्था और कारोबार में अपने विचारो का आदान प्रदान के लिए उपयोग में लाया जाता है इस प्रकार के पत्र लेखन की भाषा सरल, सहज, और सटीक होती है इस प्रकार के पत्रों में भाषा शैली आम बोलचाल की भाषा न होकर एक निर्धारित प्रारूप में होती है और कुछ विशेष शाब्दि का प्रयोग किया जाता है.

  1. औपचारिक पत्र (Formal Letter)
  2. अनौपचारिक पत्र (Informal Letter)

औपचारिक पत्र: Formal Letter in Hindi

दोस्तो बता दें की औपचारिक पत्र (formal letter in hindi) विशेष प्रकार के पत्र होते है जिनमे शिष्टापूर्ण भाषा का प्रयोग किया जाता है ये पत्र निज़ी या परिजनों को नही लिखे जाते बल्कि किसी छात्र द्वारा अपने प्रधानाध्यापक , किसी नौकरी पेशा वव्यक्ति द्वारा कार्यालय में लिखा जाने वाले पत्र या फिर किसी सरकारी संस्था या कार्यालय हेतु विशेष पत्र होते है.

इस प्रकार के पत्रों में शिष्टाचार का विशेष ध्यान दिया जाता है जैसे श्रीमान, श्रीमती, महोदय आदि सम्मानजनक शब्दों का प्रयोग किया जाता है.

औपचारिक पत्रों का एक विशेष प्रारूप निर्धारित होता है जिनका विशेष ध्यान रखा जाता है तथा किसी भी प्रकार की अनौपचारिक(Informal) या आम बोल-चाल की भाषा या शब्द का प्रयोग प्रतिबंधित होता है 

निम्न लिखित पत्रों को औपचारिक पत्रों में शामिल किया जाता है –

  • प्रधानाचार्य को प्रार्थना पत्र
  • किसी व्यक्ति विशेष को निमंत्रण पत्र
  • प्रशासन को कार्य विशेष हेतु पत्र
  • सरकारी अथवा गैर सरकारी सस्था आदि को पत्र
  • नौकरी हेतु पत्र
  • व्यापार से सम्बंधित पत्र
  • समाचार पत्र के संपादक को पत्र
  • सरकारी कार्यालय में कार्यरत कर्मचारी द्वारा लिखा गया पत्र आदि

औपचारिक पत्र लेखन हेतु ध्यान देने योग्य बातें

किसी भी प्रकार के औपचारिक पत्र (Formal Letter in Hindi) लिखने हेतु एक विशेष प्रारूप का धयान रखना आवश्यक है हम यहां पर आपको औपचारिक पत्र लेखन से जुड़े कुछ महत्वपूर्ण बातो के बारे में बताने जा रहे है –

  • औपचारिक पत्र की भाषा सरल, सटीक और नियमानुसार होनी चाहिए.
  • पत्र में किसी भी प्रकार के लेखन अथवा व्याकरण त्रुटि मौजूद न हो.
  • पत्र को प्रभावशाली तरीके से शुरू और अंत होना चाहिए.
  • पत्र में वहीं का पता लिखें जहां पर आप उस समय मौजूद हों.
  • कोशिस करें की पूरा पत्र एक पृष्ठ में ही समाप्त हो जाये.
  • पत्र लेखन बायीं और मौजूद मार्जिन लाइन से सटाकर लिखना चाहिए.
  • पूरा पत्र एक लय में और तरम्यता के साथ लिखें.
  • यदि पत्र स्कूल के छात्र द्वारा लिखा जा रहा हो तो प्रधानाचार्य के लिए प्रेषक की जगह अपना नाम, कक्षा और दिनांक लिखें.

औपचारिक पत्र का प्रारूप- Format of Formal Letter in hindi

Formal Letter in hindi: औपचारिक पत्र का एक विशेष प्रारूप होता हिया जिसका ध्यान रखना अति आवश्यक है –

  1. पत्र में सबसे पहले ‘सेवा में’ लिखकर जिसको भी पत्र लिख रहे है उसका पदनाम और पता सम्मिलित करें.
  2. तत्पश्चात पत्र जिस विषय से  सम्बंधित हो वह लिखे और ध्यान रखें की विषय एक लाइन में ही लिखा हो.
  3. जिसको पत्र लिखा जा रहा है उसके लिए संबोधन जैसे महोदय, श्रीमान, श्रीमती जैसे शिष्ट शब्दों के साथ करें.
  4. पत्र के विषय वस्तु को निम्नलिखित तीन अनुच्छेदों में संकलित करें-
    1. अनुच्छेद-1 : परिचय
    2. अनुच्छेद-2 : विषय का विस्तार
    3. अनुच्छेद-3 : अंतिम शब्द
  5. पत्र के अंत करते समय भवदीय, आज्ञाकारी या प्रार्थी लिखकर अपना हस्ताक्षर और नाम लिखें.
  6. पत्र के अंत में अपना पूरा पता लिखकर दिनांक डालें.

Format of Formal Letter in Hindi-

सेवा में,
प्रधानाचार्य
किंग जोर्ज मेडिकल कॉलेज
लखनऊ
विषय: बहन की शादी के लिए अवकाश.

महोदय, सविनय निवेदन है की ……………………………………………………………………………………..
……………………………………………………………………………………………………………
………………………………………………………………………………………………………….
आपकी महान कृपा होगी.

आपका आज्ञाकारी शिष्य
हस्ताक्षर
नाम
पता: क0 ख0 ग0
ब्रांच-मेडिकल
दिनांक-

Formal Letter in hindi से जुड़े प्रश्नोत्तर:

Q.1 How to write formal letter in hindi?

Ans. औपचारिक पत्र (Formal Letter) लिखते समय कुछ विशेष बातो और नियमो का ध्यान रखना होता है चुकी यह पत्र किसी सरकारी सस्था, अथवा व्यापारिक कार्यालय हेतु लिखे जाते है अतः इनमे किसी भी प्रकार की त्रुटि मौजूद नही होनी चाहिए और औपचारिक पत्र के प्रारूप में ही लिखे जाने चाहिए.

Q.2 What is format of formal letter in hindi?

Ans. जैसा की हमने अपने लेख में यह बताया है की औपचारिक पत्र(Formal Letter) लिखते समय कुछ नियमो का पालन करना आवश्यक होता है जैसे पत्र की शुरुआत सेवा में लिखकर करें, उसके बाद पदनाम और पता लिखें जिसको भी आप पत्र लिख रहे है तत्पश्चात पत्र का विषय और विषय वस्तु आदि लिखकर पत्र का अंत अपना नाम पता और दिनांक लिखकर करें.

प्रधानाचार्य को औपचारिक पत्र (formal letter in hindi to principal class 10)

Formal Letter to Principal-

सेवा में,
प्रधानाचार्य
पब्लिक इन्टर कॉलेज
लखनऊ
विषय: छोटी बहन की शादी में सम्मिलित होने होने के लिए अवकाश हेतु

महोदय,
    सविनय निवेदन है की मै प्रिया सिंह आपके स्कूल में कक्षा 10 की छात्रा हूं. यह सूचित करना है की मेरी छोटी बहन की शादी जो की 10 अप्रैल को है जिस हेतु मै दिनांक 8 अप्रैल से 12 अप्रैल तक उपस्थित नही हो पाऊँगी.
मुझे अपनी छोटी बहन की शादी में सम्मिलित होना अति आवश्यक है अतः मुझे 5 दिन का अवकाश देने की कृपा करें, आशा करती हूं की आप मेरे छुट्टी के आवेदन को स्वीकार कर मुझे 5 दिनों का अवकाश प्रदान करेंगे.
धन्यवाद

भवदीया,
प्रिया सिंह
कक्षा -10 क
दिनांक: 5 अप्रैल

अंत में

दोस्तो हम आशा करते है की आपको औपचारिक पत्र (Formal Letter in Hindi) लेखन(Writing) से सम्बंधित समस्त जानकारी यह पर देने की कोशिश की गयी है वह आपको पसन्द आई होगी और यदि किसी भी प्रकार की कमी लगती हो तो हमें कमेंट बॉक्स में लिखकर जरुर बतायें हम जल्द से जल्द आपके द्वारा पूछे गये प्रश्नों का जवाब देने की कोशिश करेंगे.

साथ ही यह भी आशा की जाती है की आप निरंतर हिन्दी इंडिया की वेबसाइट विजिट करके ऐसी ही महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त करते रहेंगे,, हमारा यह पूरा लेख ध्यान पूर्वक पढने के लिए आपका धन्यवाद्.

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