Affiliate Marketing क्या है? Affiliate Marketing hindi

Affiliate marketing hindi: दोस्तों एफिलिएट मार्केटिंग ऑनलाइन इन्टरनेट के माध्यम से पैसे कमाने का वह तरीका है जिसको बिना इन्वेस्टमेंट किये हुए भी शुरू किया जा सकता है इसमें आपका खुद का Prodct या Service होने के जरुरत नही होती बल्कि आप दुसरे के प्रोडक्ट्स या सर्विसेज को बेचकर कमीशन पाते है Affiliate marketing के जरिये किसी कंपनी के फिजिकल अथवा डिजिटल प्रोडक्ट को सेल किया जाता है.

हम सभी ने कभी न कभी ऑनलाइन किसी वेबसाइट से शौपिंग जरुर किया होगा भारत में सबसे पोपुलर इ-कॉमर्स वेबसाइट में Flipkart और Amazon आदि है जिस प्रोडक्ट को हम अच्छे से जानते है उन्हें आसानी से इन वेबसाइट पर जाकर खरीद लेते है मगर कभी कभी हमें कुछ ऐसे प्रोडक्ट्स जिनके बारे में हमें अच्छे से नही पता होता हम खरीदने से झिझकते है और उनके Review सर्च करके पढ़ते है फिर उन्हें अमेज़न या फ्लिप्कार्ट पर जाकर खरीद लेते है.

ये वेबसाइट जो प्रोडक्ट के रिव्यु प्रोवाइड करते है यदि उनके लिंक से आप वो प्रोडक्ट खरीदते है तो उन्हें भी कुछ कमीशन मिलता है और यही एफिलिएट मार्केटिंग है. मगर एफिलिएट मार्केटिंग यहीं तक सिमित नही है क्यों की भारतीय इकॉमर्स वेबसाइट बहुत कम कमीशन प्रदान करते है मगर एफिलिएट मर्केटर लाखों में रूपये कमाते है आज हम आपको एफिलिएट मार्केटिंग क्या है? इसकी पूरी जानकारी देने वाले है इसीलिए इस लेख को पूरा पढ़ें.

Affiliate Marketing kya hai?

Affiliate Marketing इन्टरनेट से पैसे कमाने का सबसे अधिक प्रचलित तरीका है जिसमे कमाने वाले के पास किसी प्रकार के इन्वेस्टमेंट की जरुरत नही होती, वह दूसरी कम्पनी के प्रोडक्ट को प्रमोट करके प्रोडक्ट के बिकने पर कमीशन पाता है. हलाकि यह सुनने में जितना आसन लगता है उतना आसान है भी यदि सही तरीका पता हो. किसी भी प्रोडक्ट को प्रमोट करने का मतलब है की आपको एक प्रोडक्ट का लिंक प्रोवाइड किया जाता है कंपनी द्वारा और उस लिंक को आप बहुतेरे तरीको से अपने कस्टमर्स को Recommend करते है और कोई सेल आने पर आपको कमीशन मिलता है.

Affiliate Marketing क्या है? Affiliate Marketing hindi
Affiliate Marketing क्या है? Affiliate Marketing hindi 1

Types of Affiliate Marketing

किसी भी प्रोडक्ट को प्रमोट करने के लिए बहुत से तरीके होते है जिनमे से कुछ फ्री है तो कुछ पेड जैसे-

  • Blog
  • Website
  • Email marketing
  • Social Media(Facebook, Instagram, Youtube etc.) and
  • Paid ads (Google ads, Facebook ads etc.)

1. Organic/ Free marketing

यदि आपके पास कोई वेबसाइट है जिसपर अच्छा ट्रैफिक आता है अथवा आपके पास सोशल मीडिया अकाउंट है जिसपर अच्छे फोल्लोवेर्स है तो आप फ्री में एफिलिएट मार्केटिंग कर सकते है और पैसे कमा सकते है.

किसी प्रोडक्ट के एफिलिएट मार्केटिंग ब्लॉग या वेबसाइट से करने के लिए आपके पास प्रोडक्ट से रिलेटेड टॉपिक पर एक ब्लॉग होना चाहिए जिसपर समान प्रकार के प्रोडक्ट का रिव्यु किया जाता हो. यही नियम सोशल मीडिया पर भी अप्लाई होता है आपका पेज अथवा चैनल उसी टॉपिक से रिलेटेड होना चाहिए जिस प्रकार का प्रोडक्ट आप इस्तेमाल करने वाले है.

2. Paid marketing

यदि आप बिलकुल नए है और आपके पास ऊपर बताये गये तरीको में से कोई भी नही है मतलब ब्लॉग, सोशल मीडिया आदि कुछ भी नही है तो भी आपको परेशां होने की जरुरत नही है एक और तरीका है जिसका इस्तेमाल बेफिक्र होकर कर सकते है और वो है पेड मार्केटिंग(paid marketing), मगर इस तरीके से मार्केटिंग के लिए आपके पास कुछ बजट होना आवश्यक है और आपको उन्ही प्रोडक्ट को प्रमोट करना होगा जिनपर एफिलिएट कमीशन बहुत अधिक हो अर्थात 50 प्रतिशत से अधिक का मार्जिन होना चाहिए.

बता दें की यह तरीका इंडिया में किसी भी एफिलिएट प्रोग्राम के लिए उपयुक्त नही माना जाता क्यों की इ-कॉमर्स वेबसाइट Amazon, Flipkart आदि आपको प्रोडक्ट कमीशन 10 प्रतिशत से अधिक नही देते है. इसके लिए आपको इंटरनेशनल एफिलिएट प्रोग्राम से जुड़ने की जरुरत होती है जिनपर आपको 50% से 85% तक भी मिलता है.

अधिकतर एफिलिएट प्रोडक्ट्स जिनपर हाई कमीशन मिलता है वो कोई फिजिकल प्रोडक्ट न होकर डिजिटल प्रोडक्ट्स होते है और यही कारण है की इनपर कमीशन भी अधिक मिलता है क्यों की इन्हें बनाने में एक बार इन्वेस्टमेंट लगती है और लाइफटाइम इन्हें बेच सकते है. इस लेख में आगे भारतीय और इंटरनेशनल एफिलिएट प्रोग्राम्स के बारे में जानकारी दी गयी है.

Affiliate Programs in India

इंडिया में ऐसे बहुत से एफिलिएट प्रोग्राम है जिन्हें आप ज्वाइन कर सकते है यदि इनसे सम्बंधित आपके पास कोई ब्लॉग अथवा सोशल मीडिया अकाउंट है. एफिलिएट प्रोग्राम को ज्वाइन करने के बाद प्रोडक्ट के एफिलिएट लिंक को अपने ब्लॉग अथवा सोशल मीडिया पर शेयर करना होता है बता दें की केवल लिंक को शेयर करना स्पैम माना जाता है और इससे आपका अकाउंट ब्लाक भी हो सकता है.

एफिलिएट लिंक अथवा प्रोडक्ट को प्रमोट करने के लिए आपको उस प्रोडक्ट का रिव्यु अथवा रिकमेन्डेशन के लिए अच्छा कंटेंट लिखना अथवा बनाना होता है जिसके जरिये कस्टमर वह प्रोडक्ट खरीद सके. मतलब की एफिलिएट मार्केटिंग के लिए कंटेंट अथवा कंटेंट मार्केटिंग की आवश्यकता होती है जितना अच्छा कंटेंट होता है उतना ही अच्छा कन्वर्शन (conversion) होता है मतलब की कस्टमर प्रोडक्ट को खरीदने की ओर बढ़ता है.

कुछ एफिलिएट प्रोग्राम जो इंडिया में प्रचलित है इस प्रकार से है-

  • Amazon associate
  • Flipkart affiliate
  • Godaddy
  • Hostinger
  • Bluehost etc.

International Affiliate marketplace/programs

दोस्तों अभी तक हमने जितने भी एफिलिएट प्रोग्राम्स की बात की है वो सभी कंपनी द्वारा ही प्रोवाइड कराये जाते है मगर कुछ ऐसे मार्केटप्लेस भी मौजूद है जिनपर अलग अलग प्रकार की कंपनियों के एफिलिएट प्रोडक्ट्स को एक ही साथ उपलब्ध करा दिया जाता है ये मार्केटप्लेस ही सभी कपनियो के एफिलिएट प्रोग्राम को मैनेज करते है और साथ ही पेमेंट और कमीशन भी सब इनके द्वारा ही किया जाता है.

एफिलिएट मार्केटप्लेस की अच्छी बात यह है की आपको बार बार अलग अलग कंपनियों की वेबसाइट पर जाकर उनके एफिलिएट प्रोग्राम के लिए सिग्नुप (Signup) नही करना पड़ता एक ही बार में आप सभी कंपनियों के प्रोडक्ट्स को एक्सेस कर सकते है ज्यादातर एफिलिएट मार्केटप्लेस इंटरनेशनल कंट्री द्वारा बनाये गए है जिनमे से कुछ इस प्रकार से है-

  • Click Bank
  • Digistore24
  • Jvzoo
  • Commission Junction(CJ) etc.

बता दें की इंडिया में अभी एफिलिएट मार्केटिंग उतना अधिक प्रचालन में नही है चुकी लोग अभी भी ऑनलाइन चीज़े खरीदना बहुत अधिक पसंद नही करते खास तौर पर यदि वह किस विश्वास पत्र माध्यम ना हो तो. मगर एफिलिएट मार्केटिंग विदेशो में बहुत अधिक प्रचलन में है और विदेशी लोग ऑनलाइन ही लगभग सभी चीज़े खरीदते है तथा विदेशो में जैसे USA, CANADA और Australia आदि में प्रोडक्ट को सेल करने पर कमीशन भी अधिक दिया जाता है जो की 80% तक भी हो सकता है वही इंडिया में यह 10% से भी कम ही होता है.

चुकी भारतीय लोगो के पास इंटरनेशनल टार्गेटेड ब्लॉग अथवा सोशल मीडिया अकाउंट या youtube चेंनेल कम ही होते है इसीलिए इंडिया से एफिलिएट मार्केटिंग करने के पेड मार्केटिंग का तरीका सही रहता है चुकी नये फोल्लोवर, सब्सक्राइबर बिल्ड करना बहुत टाइम तकिंग प्रोसेस होता है.

यदि आप जानना चाहते है की कैसे एफिलिएट मार्केटप्लेस के जरिये एफिलिएट मार्केटिंग करी जाती है तो इन्टरनेट पर इसके बहुत से Affiliate marketing course उपलब्ध है यदि आप ऐसे कोर्स की जानकारी चाहते है तो कमेंट बॉक्स में हमें बता सकते है अन्यथा आप youtube के माध्यम से फ्री में एफिलिएट मार्केटिंग सीख सकते है.

Types of Affiliate Programs

बता दें की केवल किसी प्रोडक्ट अथवा सर्विस को बेचकर ही एफिलिएट मार्केटिंग नही की जाती बल्कि और भी कई प्रकार के एफिलिएट प्रोग्राम होते है जिनके जरिये भी पैसे कमाए जा सकते है तथा ये भी एफिलिएट मार्केटिंग की श्रेणी में ही आते है.

  1. PPC (Pay per click) – पे पर क्लिक एक ऐसा तरीका है जिसमे कंपनी द्वारा एफिलिएट लिंक प्रोवाइड किया जाता है और उस लिंक पर जितना क्लिक आता है उसी हिसाब से कमीशन मिलता है हलाकि इसमें सबसे कम कमीशन प्राप्त होता है.
  2. PPL (Pay per lead) – इस तरीके में भी आपको प्रोडक्ट या सर्विस को सेल करने की आवश्यकता नही होती बल्कि आपको कस्टमर का फ़ोन अथवा ईमेल को कलेक्ट कर कंपनी को प्रोवाइड कराया जाता अहि और प्रति लीड के लिए कंपनी आपको पे करती है.
  3. PPS (pay per sale)/One Time commission – कंपनी के प्रोडक्ट को जितनी बार सेल होगा कमीशन मिलेगा और यह एक बार ही मिलता है जो भी फिक्स रहता है उतना.
  4. Recurring Commission – एक बार किसी ऐसे प्रोडक्ट को जो की मंथली अथवा वीकली सब्सक्रिप्शन पर मिलता हो उसे सेल कर लिया तो जितनी बार भी कस्टमर सब्सक्रिप्शन को रेनेव करता है कमीशन मिलता रहता है.
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