उत्तर-पूर्व दिशा यानी ईशान कोण को पूजा के लिए सर्वोत्तम स्थान माना गया है।

कलश पर नारियल रखते समय इसका मुख पूजन करने वाले व्यक्ति की ओर हो।

देवी का पूजा आराधना में हमेशा लाल रंग के फूलों व रंगों का ही प्रयोग करें।

चैत्र नवरात्रि में कोई भी नया काम शुरू करना शुभ माना जाता है।

कलश स्थापना के लिए मिट्टी का एक कलश, आम की हरी पत्तियां उपयोग करें.

मां दुर्गा की नई मूर्ति, वस्त्र आसन, चुनरी पूजा सामग्री में तथा......

लाल सिंदूर, माला, आरती की किताबें, गंगाजल, चंदन, जटा नारियल घी,  सुपारी,  कपूर, अगरबत्ती ......

दीपक, फल, मिठाई,  हवन कुंड, हवन की सामग्री और आम की सूखी लकड़ियां आदि पूजा सामग्री का उपयोग होता है.

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